झारखंड हाई कोर्ट ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (TSPC) से जुड़े दो आरोपियों सत्येंद्र गंझू और रविंद्र गंझू को जमानत प्रदान कर दी है। दोनों की गिरफ्तारी हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 45/2026 के सिलसिले में हुई थी। मामला कोयलांचल क्षेत्र में कथित लेवी वसूली और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर संगठन के नाम का इस्तेमाल कर कोयला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों से रंगदारी मांगने तथा क्षेत्र में भय का माहौल बनाने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि उरीमारी स्थित सीसीएल क्षेत्र में लेवी वसूली के साथ-साथ गंभीर हिंसक घटनाओं की साजिश में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी।
हजारीबाग पुलिस ने 21 मार्च को विशेष अभियान चलाकर सत्येंद्र गंझू और रविंद्र गंझू सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार, देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और टीएसपीसी से जुड़े प्रचार सामग्री भी बरामद करने का दावा किया था।
जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि लेवी की मांग पूरी नहीं होने पर आगजनी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट (CLA) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत मिल गई है, जबकि मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।