हजारीबाग जिले में दो नाबालिग भाई-बहन की गुमशुदगी और हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच के दौरान गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में संजीत पासवान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने दोनों बच्चों की हत्या करने की बात स्वीकार की है।
यह मामला कटकमदाग थाना क्षेत्र का है, जहां 27 मई 2026 को 11 वर्षीय बच्ची और उसका 3 वर्षीय भाई अचानक लापता हो गए थे। बच्चों के घर नहीं लौटने पर उनके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के निर्देश पर गठित एसआईटी ने कई पहलुओं पर जांच की। लगातार खोजबीन के बाद 31 मई को सिंदूर क्षेत्र के श्मशान घाट के समीप बच्ची का शव बरामद किया गया। इसके कुछ समय बाद आसपास स्थित एक कुएं से उसके छोटे भाई का शव भी मिला। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर संजीत पासवान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह एक वाहन शोरूम में कार्यरत है और मृत बच्ची को पहले से जानता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्चों को मोबाइल दिलाने का झांसा देकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और उन्हें सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। विरोध और शोर मचाने पर आरोपी ने पहले बच्ची की हत्या कर दी। घटना का गवाह बने छोटे भाई को भी उसने नहीं छोड़ा और उसकी भी जान ले ली।
आरोपी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से बच्चे के शव को प्लास्टिक के बोरे में डालकर एक कुएं में फेंक दिया, जबकि बच्ची के शव को पास की नदी में ठिकाने लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी और प्लास्टिक का बोरा बरामद कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी से आगे भी पूछताछ की जा रही है। इस जघन्य अपराध के खुलासे में एसआईटी के साथ स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।