प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुक को पहली किस्त जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग ने सख्त कार्रवाई की है। एसीबी की ट्रैप टीम ने हुवाग पंचायत के पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह को ₹2500 की घूस लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया।
इस कार्रवाई की नींव ग्राम हुवाग निवासी मो. अलीजान अंसारी की शिकायत से पड़ी। उन्होंने एसीबी हजारीबाग कार्यालय में दिए आवेदन में बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत हुआ है, जिसका स्वीकृति संख्या JH16017/3/1204 है। अन्य लाभुकों को योजना की पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन उनसे रिश्वत मांगे जाने के कारण भुगतान रोक दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने पंचायत सचिव से किस्त जारी करने को लेकर संपर्क किया तो उनसे ₹10,000 की मांग की गई। सचिव ने कथित तौर पर साफ शब्दों में कहा कि बिना पैसा दिए पहली किस्त नहीं मिलेगी। रिश्वत देने से इनकार करते हुए मो. अलीजान अंसारी ने पूरे मामले की जानकारी एसीबी को दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने विधिवत जांच और सत्यापन कराया। जांच में यह पुष्टि हुई कि पंचायत सचिव द्वारा ₹5000 की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में यह तय हुआ कि रकम दो चरणों में दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त ₹2500 होगी।
सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एसीबी हजारीबाग थाना में कांड संख्या 14/2025, दिनांक 22 दिसंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
मंगलवार को योजना के तहत तय रणनीति के अनुसार पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह ने जैसे ही ₹2500 की पहली किस्त के रूप में रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।