सरकारी खजाने पर सेंध! डेटा एनालिसिस से खुला 15 करोड़ का फर्जीवाड़ा, तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार

सरकारी खजाने पर सेंध! डेटा एनालिसिस से खुला 15 करोड़ का फर्जीवाड़ा, तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 09, 2026, 12:50:00 PM

हजारीबाग में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त के निर्देश पर की गई कार्रवाई में पुलिस विभाग से जुड़े तीन कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, इस मामले से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

कैसे सामने आया मामला 

झारखंड सरकार के वित्त विभाग के अंतर्गत कोषागार एवं संस्थागत वित्त निदेशालय द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण में अनियमितताओं का पता चला। रिपोर्ट के अनुसार, बीते आठ वर्षों के दौरान जिला कोषागार से दो बैंक खातों में कुल 15.41 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए थे। इस सूचना के आधार पर जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ।

मामले की जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों और बिलों की पड़ताल में यह सामने आया कि अस्थायी पे-आईडी बनाकर नियमों का उल्लंघन करते हुए सरकारी धन की निकासी की गई। इसके बाद यह राशि अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित की गई, जिससे पूरे घोटाले का जाल फैलता चला गया।

जांच के बाद कुल 21 बैंक खातों को संदिग्ध मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने का निर्देश दिया गया। इन खातों में जमा करीब 1.60 करोड़ रुपये की राशि को सुरक्षित कर लिया गया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया में इसका उपयोग किया जा सके।

पुलिसकर्मियों की भूमिका उजागर

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस विभाग की लेखा शाखा में कार्यरत तीन सिपाही; शंभु कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह इस अवैध निकासी में शामिल थे। पूछताछ में तीनों ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

कोषागार पदाधिकारी की शिकायत पर लोहसिंघना थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह केस कांड संख्या 32/2026 के रूप में दर्ज हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।