अदाणी फाउंडेशन की पहल, गोंदुलपारा की बेटियों को फायर फाइटिंग ट्रेनिंग से मिलेगा नया करियर

अदाणी फाउंडेशन की पहल, गोंदुलपारा की बेटियों को फायर फाइटिंग ट्रेनिंग से मिलेगा नया करियर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 13, 2026, 5:28:00 PM

गोंदुलपारा खनन परियोजना से प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन ने एक अहम पहल की है। इस पहल के तहत परियोजना क्षेत्र की तीन बालिकाओं को फायर फाइटिंग के पेशेवर प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इनमें से दो छात्राएं गाली गांव और एक चंदौल गांव से हैं। इसके साथ ही गोंदुलपारा और चंदौल पंचायत के चार युवकों का चयन अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है।

चयनित युवकों को अहमदाबाद में तीन महीने की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उनके लिए स्थायी आजीविका का मार्ग प्रशस्त हो सके।

वहीं, तीनों बालिकाओं को अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से नागपुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग में छह माह का प्रोफेशनल कोर्स कराया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में फायर फाइटिंग, फायर सेफ्टी, रेस्क्यू ऑपरेशन और औद्योगिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। सभी छात्राएं संस्थान पहुंच चुकी हैं और नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। कोर्स समाप्त होने के बाद फाउंडेशन उन्हें फायर एवं सेफ्टी विभाग में नौकरी दिलाने में भी सहयोग करेगा।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग देश के प्रतिष्ठित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण संस्थानों में गिना जाता है, जहां आधुनिक संसाधनों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उद्योगों, फैक्ट्रियों, पावर प्लांट, खनन क्षेत्र, एयरपोर्ट और बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों में फायर एंड सेफ्टी से जुड़ी नौकरियों के व्यापक अवसर उपलब्ध होते हैं।

अदाणी फाउंडेशन हजारीबाग जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, खेल और आजीविका संवर्धन जैसे क्षेत्रों में लगातार सामाजिक दायित्व निभा रहा है। स्कूलों में शैक्षणिक सहयोग, स्वास्थ्य जांच शिविर, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से फाउंडेशन क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान दे रहा है। गोंदुलपारा परियोजना क्षेत्र में शुरू की गई यह पहल खास तौर पर बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है।