झारखंड के गिरिडीह जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत कुम्हरगड़िया और बजटो गांवों में संदिग्ध खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद कई लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। उपायुक्त रामनिवास यादव देर रात स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचे और घर-घर जाकर मरीजों की स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ एसडीएम श्रीकांत विस्पुते, एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और चिकित्सकों की टीम भी मौजूद थी।
उपायुक्त ने जिन परिवारों के सदस्य घर पर ही उपचार ले रहे थे, उनसे सीधे बातचीत की और डॉक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में खानपान को लेकर सतर्क रहने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
प्राथमिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि गोलगप्पा बेचने वाला व्यक्ति पालमो क्षेत्र का रहने वाला है, जो अक्सर इन गांवों में आता-जाता रहा है। शनिवार को भी उसने यहां खाद्य सामग्री बेची थी। ग्रामीणों के अनुसार, दिन के शुरुआती समय में जिन लोगों ने गोलगप्पा खाया, उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन बाद में सेवन करने वालों में तबीयत बिगड़ने के लक्षण दिखने लगे।
रविवार सुबह से ही प्रभावित लोगों की हालत ज्यादा खराब होने लगी। शुरुआत में गांव स्तर पर ही इलाज का प्रयास किया गया, लेकिन जब मरीजों की संख्या बढ़ी, तो स्थानीय लोगों ने पहल करते हुए उन्हें सदर अस्पताल भेजना शुरू किया।
इस दौरान एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। ग्रामीणों का कहना था कि 108 पर कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची, और आने के बाद भी चालक ने एक साथ कई मरीजों को ले जाने में अनिच्छा दिखाई। मजबूरन कई मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। उपायुक्त ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
घटना में एक बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई है। इस पर ग्रामीणों ने परिजनों के लिए मुआवजे की मांग उठाई। उपायुक्त ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया और कहा कि प्रशासन पूरी तरह प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है।
घटना की जानकारी गांडेय क्षेत्र की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन तक भी पहुंची। उन्होंने उपायुक्त से फोन पर विस्तृत बातचीत कर हालात की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, पूर्व विधायक प्रो. जेपी वर्मा और भाजपा नेता दिनेश यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी गांव और अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए।
इधर, मामले की जांच के तहत संबंधित गोलगप्पा विक्रेता को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थ कब तैयार किए गए थे और उनमें क्या-क्या सामग्री मिलाई गई थी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।