झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सोमवार को गिरिडीह में अपना 53वां स्थापना दिवस गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। समारोह की खास बात यह रही कि मंच पर एक कुर्सी को प्रतीकात्मक रूप से खाली रखा गया था। उस पर ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की तस्वीर सजाकर उन्हें नमन किया गया। यह व्यवस्था उनके लंबे राजनीतिक योगदान और संगठन के प्रति उनकी भूमिका को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई थी। कार्यक्रम में गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। मंच से नेताओं ने पार्टी की विचारधारा और उसके संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झामुमो ने हमेशा आदिवासी और मूलवासी समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है और आगे भी इसी दिशा में प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रहेगा। पूरे आयोजन के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश और एकजुटता साफ नजर आई। स्थापना दिवस को संगठनात्मक मजबूती और आपसी एकता के प्रतीक के रूप में मनाया गया, जिसमें पार्टी के मूल उद्देश्यों को दोहराते हुए भविष्य की रणनीति पर भी जोर दिया गया।