गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन से जुड़ा एक और हादसा सामने आया है। करेंदो नदी घाट से बालू लेकर लौट रहे एक ट्रैक्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अवैध बालू कारोबार और प्रशासनिक निगरानी को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की पहचान खुखरा थाना क्षेत्र के चतरोडीह गांव निवासी 30 वर्षीय जीतन कोल के रूप में हुई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम वह करेंदो नदी से ट्रैक्टर पर बालू लादकर बाहर निकल रहे थे। घाट से ऊपर चढ़ाई के दौरान वाहन अचानक असंतुलित हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर पर अत्यधिक बालू लोड होने की वजह से उसका अगला हिस्सा ऊपर उठ गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और नीचे गिर पड़ा। इसके बाद ट्रैक्टर की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना का खुलासा तब हुआ जब देर रात तक जीतन कोल घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने कई बार मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। कुछ समय बाद एक राहगीर ने फोन रिसीव कर परिवार को दुर्घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए और गांव में मातम का माहौल छा गया।
हादसे की खबर मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में अवैध बालू उठाव को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि रात के समय नदी घाटों से लगातार अवैध ढुलाई जारी रहती है। लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया जा रहा।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और नदी घाटों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।