गिरिडीह पुलिस ने शहर में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। “महिला शक्ति पेट्रोलिंग” नाम से शुरू की गई इस पहल के तहत महिला पुलिसकर्मियों की अलग टीम को स्कूटी के जरिए शहर के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। फिलहाल इस अभियान में पांच स्कूटी पर 10 महिला पुलिसकर्मी सक्रिय रूप से गश्त करेंगी।
इस पहल की शुरुआत पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में की। कार्यक्रम में एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी नीरज सिंह, डीएसपी कौसर अली, इंस्पेक्टर मंटू कुमार और नगर थाना प्रभारी रतन सिंह भी शामिल रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से टीम को रवाना कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
पुलिस प्रशासन के अनुसार महिला पेट्रोलिंग टीम का फोकस उन इलाकों पर रहेगा, जहां छात्राओं और महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है। इसमें महिला कॉलेज, निजी शिक्षण संस्थान, कोचिंग सेंटर और बाजार क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़खानी और ईव टीजिंग जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम से संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगी।
इसी अवसर पर सर जेसी बोस स्कूल परिसर में स्थापित पुलिस सहायता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने पैदल मार्च निकालते हुए आरके महिला कॉलेज तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस अभियान का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि शहर में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।