गिरिडीह जिले के गावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। नवजात शिशुओं और प्रसूता माताओं के लिए सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई बेबी केयर किट लाभार्थियों तक पहुंचने के बजाय अस्पताल के पुराने भवन में लंबे समय से रखी रही। समय पर वितरण नहीं होने के कारण किट की वैधता समाप्त हो गई और उनमें से कई खराब हो गईं।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के पुराने परिसर के दो कमरों में बड़ी संख्या में बेबी केयर किट धूल, सीलन और गंदगी के बीच पड़ी मिलीं। कई पैकेट क्षतिग्रस्त अवस्था में थे, जबकि उनके भीतर रखी सामग्री भी उपयोग योग्य नहीं बची थी। ये किट संस्थागत प्रसव के बाद नवजात और उनकी माताओं को वितरित किए जाने के लिए भेजी गई थीं, लेकिन वितरण के अभाव में लंबे समय तक गोदाम जैसी स्थिति में पड़ी रहीं।
मामले के उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने पूरी जानकारी सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से भेजी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि बरामद अधिकांश बेबी केयर किट की वैधता अप्रैल 2024 में ही समाप्त हो चुकी थी।
इधर, गिरिडीह के सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गिरिडीह से शुभम कुमार चंद्रवंशी की रिपोर्ट