अवैध खनन के खिलाफ आवाज़ उठाना पड़ा महंगा, गिरिडीह में 55 वर्षीय व्यक्ति की हत्या

अवैध खनन के खिलाफ आवाज़ उठाना पड़ा महंगा, गिरिडीह में 55 वर्षीय व्यक्ति की हत्या

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 24, 2026, 3:20:00 PM

झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार थाना क्षेत्र स्थित खैरीडीह गांव में अवैध पत्थर खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति की निर्मम हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। बुधवार देर रात हुई इस घटना में 55 वर्षीय रफीक मियां की धारदार हथियार से जान ले ली गई, जबकि उनके रिश्तेदार सुफेद अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस मामले में पुलिस ने भाजपा के ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष उदय कुमार सिंह सहित कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। अन्य आरोपियों में सनाउल्लाह अंसारी, जियाउल्लाह अंसारी, अयूब अंसारी, सुफैद आलम, अनसारुल और आलम मियां शामिल हैं। मृतक की पत्नी हसीना खातून की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, खैरीडीह स्थित एमएस वारिस स्टोन माइंस की लीज समाप्त हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, इसके बावजूद वहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के लिए आसपास की जमीनों का जबरन उपयोग किया जा रहा है। रफीक मियां लंबे समय से इस काम का विरोध कर रहे थे और कथित तौर पर इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।

बताया जा रहा है कि घटना की रात रफीक मियां अपनी पत्नी के साथ खनन रोकने के लिए मौके पर पहुंचे थे। वहां मौजूद लोगों के साथ उनका विवाद हुआ, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें पकड़कर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने पहुंचे सुफेद अंसारी को भी गंभीर चोटें आईं।

परिजनों का कहना है कि मृतक को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। उनका दावा है कि रात के समय बड़ी संख्या में भारी वाहनों के जरिए बिना वैध अनुमति पत्थरों की ढुलाई की जाती थी, जिसका रफीक मियां विरोध करते थे।

घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।

दूसरी ओर, नामजद आरोपी उदय कुमार सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि घटना के समय वे एक पारिवारिक कार्यक्रम में मौजूद थे और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि उनका राजनीतिक जुड़ाव इस मामले को और संवेदनशील बना रहा है।

घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर अवैध खनन रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच कर रही है।