अलकतरा घोटाले में फंसे भाजपा विधायक, 2.23 करोड़ के मामले में अदालत ने तय किए आरोप

अलकतरा घोटाले में फंसे भाजपा विधायक, 2.23 करोड़ के मामले में अदालत ने तय किए आरोप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 11, 2026, 10:01:00 PM

गढ़वा से भाजपा विधायक सतेंद्र नाथ तिवारी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने वर्ष 2003-04 के कथित अलकतरा घोटाले से जुड़े मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह 20 फरवरी से मामले में अपने साक्ष्य प्रस्तुत करे।

क्या है पूरा मामला?

यह प्रकरण छत्तरपुर-जपला मार्ग (करीब 32 किलोमीटर) के निर्माण से जुड़ा है। उस समय इस सड़क परियोजना की अनुमानित लागत लगभग सात करोड़ रुपये थी। इस कार्य का ठेका कलावती कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को मिला था, जिसके तत्कालीन निदेशक के रूप में सतेंद्र नाथ तिवारी कार्यरत थे।

जांच के दौरान सामने आया कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त अलकतरा (बिटुमेन) की खरीद को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। कंपनी ने कुल 114 चालान विभाग को सौंपे थे, जिनमें से 61 को पूरी तरह फर्जी पाया गया।

फर्जी बिलों से करोड़ों की निकासी

CBI की जांच में यह भी उजागर हुआ कि करीब 1200 मीट्रिक टन अलकतरा की आपूर्ति दर्शाते हुए फर्जी चालानों के आधार पर लगभग 2.23 करोड़ रुपये का भुगतान लिया गया। आरोप है कि यह रकम सरकारी कोष से अवैध तरीके से प्राप्त की गई।

जांच एजेंसी का दावा है कि कंपनी के निदेशक के रूप में तिवारी ने आपराधिक साजिश रचते हुए जाली दस्तावेजों के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया और अनुचित आर्थिक लाभ उठाया।

2009 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

इस घोटाले को लेकर CBI ने वर्ष 2009 में प्राथमिकी दर्ज की थी। लंबी जांच के बाद अब विशेष अदालत ने मामले में आरोप तय कर दिए हैं, जिससे मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।