जमशेदपुर के टाटा जू में 16 वर्षीय शेरनी जोया का निधन, लंबे समय से थी अस्वस्थ

जमशेदपुर के टाटा जू में 16 वर्षीय शेरनी जोया का निधन, लंबे समय से थी अस्वस्थ

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 17, 2026, 3:13:00 PM

जमशेदपुर स्थित टाटा जूलॉजिकल पार्क में रहने वाली 16 वर्षीय शेरनी जोया का निधन हो गया है। पार्क प्रशासन के अनुसार, वह पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। चिकित्सकीय निगरानी और देखभाल के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

पार्क के निदेशक नईम अख्तर ने बताया कि जोया एक जन्मजात बीमारी से प्रभावित थी, जिसकी वजह से उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। मृत्यु के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका पोस्टमार्टम कराया गया और फिर अंतिम संस्कार किया गया। इस संबंध में वन विभाग और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) को भी औपचारिक सूचना भेज दी गई है।

जोया उन शेरों के समूह का हिस्सा थी जिन्हें वर्ष 2012 में अफ्रीका से भारत लाया गया था। उस समय दो नर और तीन मादा शेरों को सभी आवश्यक मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टाटा जूलॉजिकल पार्क में स्थानांतरित किया गया था। बाद में इन सभी जानवरों को नाम भी दिए गए थे। जोया उन्हीं में से एक थी और पार्क आने वाले पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती थी।

उल्लेखनीय है कि अफ्रीका से लाए गए शेरों में से इससे पहले भी दो अन्य शेरनियों की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में जोया का निधन उस श्रृंखला की एक और महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।

बिष्टुपुर क्षेत्र में स्थित टाटा जूलॉजिकल पार्क देश के उन चुनिंदा चिड़ियाघरों में शामिल है, जिनका संचालन किसी सरकारी एजेंसी के बजाय कॉरपोरेट संस्थान द्वारा किया जाता है। पार्क के प्रबंधन, रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी टाटा स्टील निभाती है। प्रशासन का कहना है कि यहां केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है।

वर्तमान में इस पार्क में लगभग 370 वन्यजीव संरक्षित हैं। इनमें विभिन्न प्रजातियों के मांसाहारी और शाकाहारी जीवों के साथ-साथ अनेक प्रकार के पक्षी भी शामिल हैं। जोया की मृत्यु से पार्क प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों के बीच शोक का माहौल है।