बिहार की सियासत में हलचल पर MLA सरयू राय की सलाह, कहा-अफवाहों पर लगे विराम, सही समय पर हो निर्णय

बिहार की सियासत में हलचल पर MLA सरयू राय की सलाह, कहा-अफवाहों पर लगे विराम, सही समय पर हो निर्णय

बिहार की राजनीति में इन दिनों चल रही अटकलों और चर्चाओं के बीच झारखंड के वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सत्ता के गलियारों में फैल रही राजनीतिक अफवाहों और गॉसिप पर तत्काल विराम लगना चाहिए। उनके अनुसार किसी भी बड़े राजनीतिक फैसले को आपसी विश्वास, सही समय और गहन विचार-विमर्श के बाद ही लेना बेहतर होता है। पर्दे के पीछे की गतिविधियों के दबाव में लिए गए त्वरित निर्णय अक्सर सार्थक परिणाम नहीं देते।

सरयू राय ने कहा कि बुधवार से बिहार की राजनीति में असामान्य हलचल देखने को मिल रही है। शुरुआत में यह चर्चा मजाक जैसी लगी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शायद “बुरा न मानो होली है” की तरह इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन समय के साथ इस मुद्दे ने गंभीर रूप ले लिया और सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गईं।

फैसलों को लेकर संशय बरकरार

हालांकि कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों को अब भी भरोसा नहीं है कि नीतीश कुमार इतनी आसानी से मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। दूसरी ओर यह भी सच है कि वे कई बार अप्रत्याशित फैसले लेकर सबको चौंका चुके हैं। यही कारण है कि उनके संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा पर भी राजनीतिक विश्लेषकों के बीच संशय बना हुआ है।

इस बीच बुधवार रात से गुरुवार तक बिहार में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम देखे गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पटना पहुंचने की खबर है और एनडीए के सभी विधायकों को भी राजधानी बुलाया गया है। वहीं यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार गुरुवार को दिन के पहले हिस्से में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। हालांकि अंतिम समय में निर्णय बदलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

पहले ऐसी अटकलें थीं कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार 5 मार्च को राज्यसभा में भेजे जा सकते हैं और वे जेडीयू से जुड़ेंगे। इस बीच जेडीयू के कुछ नेताओं ने चिंता जताई है कि यदि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति से हटकर दिल्ली की ओर रुख करते हैं, तो राज्य में पार्टी की स्थिति क्या होगी। जेडीयू को आमतौर पर नीतीश कुमार की पार्टी माना जाता है और उनके बिना कोई बड़ा फैसला संभव नहीं माना जाता।