जमशेदपुर में आतंकी नेटवर्क की जांच तेज, एजेंसियों के रडार पर कपाली के 6 युवक सुरक्षा

जमशेदपुर में आतंकी नेटवर्क की जांच तेज, एजेंसियों के रडार पर कपाली के 6 युवक सुरक्षा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 09, 2026, 3:14:00 PM

जमशेदपुर में संभावित आतंकी स्लीपर सेल गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त पड़ताल में कपाली इलाके के छह युवक एजेंसियों के रडार पर आए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ये युवक बीते वर्ष जमात के नाम पर लगभग छह महीने के लिए विदेश गए थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेश यात्रा के दौरान उनका संपर्क किन लोगों से हुआ और भारत लौटने के बाद जमशेदपुर के किन क्षेत्रों में उनकी गतिविधियां संदिग्ध रहीं।

जानकारी के अनुसार, फिलहाल कपाली के चार और मानगो के आजादनगर के दो युवकों की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि विदेश से वापस आने के बाद उन्होंने कुछ अन्य लोगों को कथित तौर पर स्लीपर सेल नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की हो सकती है।

चतरा कनेक्शन की भी जांच

इस जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियां चतरा के एक संदिग्ध आतंकी के जमशेदपुर से संभावित संबंधों को भी खंगाल रही हैं। एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार झारखंड के कई इलाकों तक फैलने की संभावना है। इस मामले में मानगो के आजादनगर निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान उर्फ हैदर का नाम भी सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हैदर को ड्रोन हमलों में दक्ष बताया जाता है और वह वर्ष 2017 से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने की बात भी कही गई है।

इसी बीच आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संदेह के आधार पर धातकीडीह निवासी अब्दुल सामी और रज्जाक कॉलोनी निवासी नसीम को दिल्ली ले जाकर करीब पांच दिनों तक गहन पूछताछ की गई। हालांकि, पूछताछ में किसी आतंकी संगठन से जुड़े ठोस प्रमाण नहीं मिलने पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों को छोड़ दिया।

बताया गया कि अब्दुल सामी कपाली नगर परिषद के वार्ड नंबर छह का रहने वाला है, जबकि नसीम कपाली में किराए के मकान में रहता है। दोनों को 3 फरवरी को सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था।

2016 में अलकायदा लिंक के आरोप में हो चुकी थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि अब्दुल सामी को 18 जनवरी 2016 को हरियाणा के मेवात से, जबकि नसीम को जमशेदपुर से अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसी मामले में मेवात से मोहम्मद सामी, ओडिशा से अब्दुल रहमान अली खान उर्फ कटकी, और टाटानगर रेलवे स्टेशन से मौलाना कलीमुद्दीन की गिरफ्तारी भी हुई थी। करीब नौ साल तक जेल में रहने के बाद अब्दुल सामी और नसीम को 1 मार्च 2025 को अदालत से बरी कर दिया गया था। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को लेकर हर पहलू से जांच कर रही हैं और संदिग्ध नेटवर्क के संभावित विस्तार पर भी नजर बनाए हुए हैं।