कैरव अपहरण मामले में उद्योगपति का नाम आया सामने, पुलिस कर रही हर कड़ी की जांच

कैरव अपहरण मामले में उद्योगपति का नाम आया सामने, पुलिस कर रही हर कड़ी की जांच

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 11, 2026, 10:23:00 AM

जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में जांच के दौरान एक अहम सुराग सामने आया है। अपहरण में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह गम्हरिया के उद्योगपति संदीप मल्होत्रा की गाड़ी के नंबर से मेल खा रही है। इस नंबर की पहचान JH05DN 1231 के रूप में हुई है।

इस जानकारी के सामने आते ही पुलिस ने उद्योगपति संदीप मल्होत्रा की भूमिका को लेकर जांच तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरणकांड के कथित मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह और संदीप मल्होत्रा के बीच कोई संबंध है या नहीं। इसके साथ ही इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि कहीं अपराधियों ने साजिश के तहत संदीप की गाड़ी के नंबर का इस्तेमाल अपनी कार पर तो नहीं किया।

संदीप मल्होत्रा ने आरोपों से किया इनकार

जब इस मामले में संदीप मल्होत्रा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास कुल सात वाहन हैं और सभी के नंबर के अंत में 1231 अंक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास दो फॉर्च्यूनर हैं. एक का नंबर JH05DN 1231 और दूसरे का नंबर JH05CC 1231 है।

संदीप मल्होत्रा के अनुसार, अपराधियों ने उनके वाहन नंबर का उपयोग क्यों किया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे तेजिंदर पाल सिंह नामक किसी व्यक्ति को नहीं जानते और उनका इस अपहरणकांड से कोई संबंध नहीं है।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अपराधी मो. इमरान ने अपहरण से पहले की घटनाओं का विस्तृत खुलासा किया है। उसके अनुसार, अपराधियों ने फॉर्च्यूनर कार को पुलिस वाहन जैसा दिखाने के लिए उस पर पुलिस का स्टीकर लगाया था और साथ ही लाल-नीली फ्लैश लाइट भी लगाई गई थी।

इमरान के बयान के मुताबिक, अपहरण से पहले तीन अपराधी पुलिस की वर्दी में और एक अपराधी सादे कपड़ों में—जिसने पगड़ी पहन रखी थी—चांडिल पहुंचकर वहां इंतजार करने लगे।

इसके बाद मो. इमरान रांची से स्कार्पियो (BR01PE 1062) लेकर चांडिल पहुंचा। वहां फॉर्च्यूनर से उतरकर दो वर्दीधारी अपराधी और सादे कपड़े वाला अपराधी स्कार्पियो में बैठ गए। स्कार्पियो में मो. इमरान के अलावा चालक रमीज राजा भी मौजूद था।

कदमा-सोनारी लिंक रोड से हुआ अपहरण, फिर बिहार तक ले जाया गया

इमरान के अनुसार, इसके बाद सभी आरोपी कदमा-सोनारी लिंक रोड पहुंचे और वहीं से कैरव गांधी का अपहरण किया गया। अपहरण के बाद सभी आरोपी स्कार्पियो से वापस चांडिल पहुंचे, जहां फॉर्च्यूनर पहले से खड़ी थी। वहां से वे कैरव को लेकर बिहार के डोभी चले गए।

डोभी में पहले से ही गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, रुपेश पासवान और उनके अन्य साथी मौजूद थे। यहीं अपराधियों ने कैरव गांधी को फॉर्च्यूनर से उतारकर पजेरो वाहन में शिफ्ट किया और फिर उसे गया जिले के एक सुनसान इलाके में स्थित रुपेश पासवान के घर ले जाया गया।

इस हाई-प्रोफाइल अपहरणकांड में पुलिस जांच के दौरान अब तक कुल 16 अपराधियों की संलिप्तता सामने आ चुकी है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है कि कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को किया गया था। इसके बाद पुलिस ने 14वें दिन यानी 27 जनवरी की सुबह कैरव गांधी को बरामद कर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया था। फिलहाल पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश के साथ-साथ नंबर प्लेट और वाहन के इस्तेमाल से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।