प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भी खुल गयी पटाखे की दुकान, उठने लगे सवाल

जिले में प्रशासन के द्वारा की गयी पटाखे की दुकानें पर कार्रवाई की गयी थी। इसके बावजूद पटाखा दुकान फिर खुल गई। अब इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर की गयी इस कार्रवाई पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं।

जमशेदपुर: जिले में प्रशासन के द्वारा की गयी पटाखे की दुकानें पर कार्रवाई की गयी थी। इसके बावजूद पटाखा दुकान फिर खुल गई। अब इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर की गयी इस कार्रवाई पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले कुदादा क्षेत्र में बिना लाइसेंस के चल रहे दो पटाखा दुकानों को बीडीओ, सीओ और सुंदरनगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दुकान को बंद करवा दिया था और चेतावनी दी गई थी कि बिना अनुमति के कोई भी दुकान नहीं खोलेगा। लेकिन एक दिन बाद ही वही दुकानें फिर से खुल गईं। बाजार में पटाखे बिक रहे हैं, ग्राहक आ-जा रहे हैं और दुकानदार पहले जैसे सामान्य व्यापार कर रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई के सिर्फ दो दिन बाद ही यह नज़ारा देखकर इलाके में सवाल उठने लगे हैं? सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन दुकानों को दोबारा खोलने का हिम्मत किसके संरक्षण में मिला? स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि राजनीतिक संरक्षण है,तो कुछ का आरोप है कि दुकानदारों ने ऊंचे स्तर पर पहुंच बना रखी है।

कुदादा -सुंदरनगर क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि जब दो दिन पहले इतनी बड़ी कार्रवाई हुई थी, तो फिर से दुकान कैसे खुल गई? क्या प्रशासन सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाई किया ? क्या नियमों का पालन सिर्फ आम आदमी के लिए है? पटाखों की अवैध बिक्री न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है। बिना लाइसेंस के दुकानें अक्सर बच्चों और आम लोगों की जान के लिए खतरा बन जाती हैं। फिर भी प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद दुकानें दोबारा खुल रही हैं, यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बार क्या कदम उठाता है। क्या फिर से कार्रवाई होगी या फिर ये दुकानें यूं ही चलती रहेंगी? 


जमशेदपुर से लाला जबीं की रिपोर्ट