झारखंड के चाईबासा जिले के मनोहरपुर प्रखंड स्थित घने सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक की चपेट में आने से एक जंगली हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और उसके जीवित बचने की संभावना कम आंकी जा रही है।
यह मामला तब सामने आया जब रविवार शाम जराइकेला थाना क्षेत्र के कोलबोंगा गांव के समीप जंगल में मछली पकड़ने गए ग्रामीणों ने एक हाथी को अत्यंत खराब हालत में पड़ा देखा। घटना की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ दिन पहले चिरिया ओपी क्षेत्र के पोंगा जंक्शन के पास हुए आईईडी विस्फोट में यह हाथी घायल हुआ होगा। संभवतः विस्फोट के बाद दर्द से बेहाल हाथी कई किलोमीटर तक भटकता हुआ वर्तमान स्थान तक पहुंचा और वहीं गिर पड़ा।
मनोहरपुर प्रखंड के पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजय घोलटकर ने बताया कि हाथी कई दिनों से गंभीर चोटों के साथ संघर्ष कर रहा है। उसकी हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया है। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और विशेषज्ञों की मदद से इलाज एवं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर सारंडा जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में छिपे खतरों को उजागर कर दिया है। आईईडी जैसे घातक उपकरण न केवल सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के लिए जोखिम पैदा करते हैं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा बन चुके हैं। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें लगातार हाथी की निगरानी कर रही हैं और उसे बचाने के हर संभव प्रयास में जुटी हुई हैं।