क्रिकेट में चयन का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, छह महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

क्रिकेट में चयन का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, छह महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 06, 2026, 10:36:00 AM

झारखंड के दुमका जिले में क्रिकेट में करियर बनाने के नाम पर एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने लंबे समय की जांच के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक शिक्षक को उनके बेटे के चयन का सपना दिखाकर करीब एक करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। अब उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

यह मामला दुमका नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां सरकारी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक बुलबुल कुमार ने 12 अक्टूबर 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, बख्शी बांध निवासी किसलय पल्लव ने उनके बेटे आशुतोष आनंद को भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम और रणजी ट्रॉफी में शामिल कराने का भरोसा दिलाया था। इस भरोसे के चलते शिक्षक ने अलग-अलग समय पर आरोपी को कुल एक करोड़ रुपये दे दिए, जिसमें आधी राशि नकद और शेष ऑनलाइन माध्यम से भेजी गई।

विश्वास बनाए रखने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के ज्वाइंट डायरेक्टर के नाम से एक पत्र भी सौंपा। इस पत्र में आशुतोष के चयन का दावा किया गया था और उस पर बीसीसीआई का लोगो भी अंकित था, जिससे दस्तावेज असली प्रतीत होता था। हालांकि, जब परिवार ने इसकी सत्यता की जांच की, तो यह पूरी तरह फर्जी निकला और खिलाड़ी का नाम किसी आधिकारिक सूची में नहीं मिला। इसके बाद मामले में धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी व अन्य साक्ष्यों के आधार पर करीब छह महीनों तक आरोपी की तलाश जारी रखी। अंततः रविवार को किसलय पल्लव को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम का एक मार्मिक पक्ष यह भी है कि शिकायतकर्ता बुलबुल कुमार अब इस दुनिया में नहीं हैं। बीमारी के चलते उनकी मृत्यु हो चुकी है, और वे अपने साथ हुई ठगी के मामले में न्याय होते देखने से पहले ही चल बसे।

दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस धोखाधड़ी में अन्य लोग भी शामिल हैं या और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।