धनबाद : भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद द्वारा बलियापुर स्थित प्रखंड कार्यालय में ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ के अंतर्गत ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक विधाओं से जुड़े शिल्पकारों व कारीगरों के उत्पादों को आधुनिक बाज़ार की प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाने हेतु ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग तकनीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सह बलियापुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभाष चन्द्र दास, एलडीएम अमित कुमार, प्रीतम कुमार (वरिष्ठ प्रबंधक, आईपीपीबी), पिंकी देवी (प्रखंड प्रमुख, बलियापुर) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं सहायक निदेशक सुजीत कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना के उद्देश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि योजना में 18 पारंपरिक क्षेत्रों (कारपेंटर, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, दर्जी, मोची आदि) के कारीगर शामिल हैं। स्थानीय कारीगरों के हस्तनिर्मित उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने के लिए गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग, सटीक ब्रांडिंग और प्रभावी मार्केटिंग अनिवार्य कदम हैं।
एलडीएम अमित कुमार ने प्रतिभागियों को पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों के लिए उपलब्ध रियायती ऋण योजनाओं और उनके लिए आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया समझाई। मुख्य अतिथि सह बीडीओ प्रभाष चन्द्र दास ने कारीगरों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए झारखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। ब्लॉक प्रमुख पिंकी देवी ने भी कारीगरों के उत्थान हेतु पूर्ण सहयोग की बात कही।
वहीं तकनीकी सत्र में एआई, ई-कॉमर्स और डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा कारीगरों को व्यावहारिक कौशल प्रदान किया गया। कुणाल गुलिया (यंग प्रोफेशनल, एमएसएमई-डीओ) ने उत्पाद मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, लेबलिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ने के सरल तरीके बताए। जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी पूनम कुमारी एवं आईआरएडी प्रबंधक राजेश कुमार सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया समझाई। अमेज़न (दिल्ली) की विशेषज्ञ संकाय फैज मिर्जा तथा मीशो के सुमित कटियार ने ऑनलाइन बिक्री रणनीतियों, उत्पाद प्रस्तुतिकरण और डिजिटल कैटलॉगिंग पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षक राकेश तिवारी ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर पंजीकरण और सरकारी खरीद में भागीदारी की प्रक्रिया साझा की। आईपीपीबी के शाखा प्रबंधक प्रीतम कुमार द्वारा मौके पर ही लाभार्थियों को यूपीआई क्यूआर कोड बनाकर उपलब्ध कराए गए, जिससे वे डिजिटल भुगतान प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिला उद्योग केंद्र (धनबाद) की जिला समन्वयक कुमारी नीलू ने उद्यम पंजीकरण, पात्रता मापदंडों और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की तथा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में 130 से अधिक कारीगरों एवं शिल्पकारों ने भागीदारी कर आधुनिक विपणन गुर सीखे। आयोजन को सफल बनाने में शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद के सभी कार्मिकों की उल्लेखनीय भूमिका रही।
धनबाद से युधिष्ठिर की रिपोर्ट