केंदुआडीह : विधायक सरयू राय ने गैस प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा, BCCL और DGMS पर लगाये लापरवाही के आरोप

केंदुआडीह : विधायक सरयू राय ने गैस प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा, BCCL और DGMS पर लगाये लापरवाही के आरोप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 15, 2025, 4:09:00 PM

धनबाद जिले के केंदुआडीह में गैस रिसाव से उपजे हालात का जायजा लेने के लिए क्षेत्रीय विधायक सरयू राय प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने जमीन पर जाकर हालात देखे, स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद किया और राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे परिवारों की स्थिति की जानकारी ली।

क्षेत्र भ्रमण के बाद धनबाद सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक ने इस घटना को एक गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट बताया। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव ने केंदुआडीह के लोगों की जिंदगी को सीधे खतरे में डाल दिया है और इसके लिए कोयला कंपनी बीसीसीएल तथा खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

सरयू राय ने बताया कि केंदुआडीह क्षेत्र में पिछले एक सदी से अधिक समय, यानी वर्ष 1914 से खनन कार्य चल रहा है। नियमों के अनुसार भूमिगत खनन के बाद खाली खदानों में बालू भरना अनिवार्य होता है, ताकि जमीन के भीतर गैस और दबाव को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन आरोप है कि बीसीसीएल ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया। खदानों के केवल प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए, जिससे अंदर गैस का दबाव लगातार बढ़ता चला गया। परिणामस्वरूप अब गैस जमीन की सतह को फाड़ते हुए बाहर निकल रही है और हवा के संपर्क में आकर गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन दीवारों के जरिए खदानों को सील किया गया था, उन्हें तोड़कर अवैध खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद बीसीसीएल की ओर से न तो इस पर रोक लगाई जा रही है और न ही कोई प्रभावी निगरानी दिखाई दे रही है। विधायक के अनुसार, खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना डीजीएमएस की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात उसकी उदासीनता को उजागर करते हैं।

सरयू राय ने विस्थापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर प्रभावित लोगों को बसाने की योजना बनाई जा रही है, वहां रोजगार के अवसरों का अभाव है और बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल और डीजीएमएस की गलत नीतियों और कथित भ्रष्टाचार का दुष्परिणाम आज केंदुआडीह के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।