केंदुआडीह गैस रिसाव : दूसरे दिन भी जारी राहत कार्य, बोरहोल ड्रिलिंग से दबाव घटाने की तैयारी

केंदुआडीह गैस रिसाव : दूसरे दिन भी जारी राहत कार्य, बोरहोल ड्रिलिंग से दबाव घटाने की तैयारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 17, 2025, 3:32:00 PM

केंदुआडीह क्षेत्र में जहरीली गैस के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए चल रहा राहत और तकनीकी अभियान बुधवार को भी लगातार दूसरे दिन जारी रहा। राजपूत बस्ती स्थित पुराने जीएम बंगले के समीप मंगलवार शाम से बोरहोल ड्रिलिंग का काम शुरू किया गया था, जिसमें पहले दिन लगभग छह मीटर तक खुदाई की जा सकी। दूसरे दिन टीम ने ड्रिलिंग को करीब 20 मीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

मौके पर भारी मशीनों के साथ विशेषज्ञों की टीम लगातार काम में जुटी हुई है। ड्रिलिंग की जिम्मेदारी एमईसीएल को सौंपी गई है, जबकि धनसार माइंस रेस्क्यू स्टेशन के अनुभवी कर्मी तकनीकी सहयोग दे रहे हैं। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा है।

गैस की स्थिति पर नजर रखने के लिए डीजीएमएस और सिंफर के वैज्ञानिक लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही आईआईटी-आईएसएम धनबाद, सीएमपीडीआई और सिंफर के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम भी हालात का आकलन कर रही है और आवश्यक सलाह दे रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार भूमिगत गैस के दबाव को कम करने के लिए पहले ही करीब 14 हजार लीटर लिक्विड नाइट्रोजन मंगाई जा चुकी है। बोरहोल ड्रिलिंग पूरी होने के बाद इसी मार्ग से नाइट्रोजन डालकर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के प्रभाव को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है।

वहीं स्थानीय निवासी मोहम्मद साजिद का कहना है कि ड्रिलिंग का कार्य जारी तो है, लेकिन इसकी रफ्तार संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि अब भी लगभग 500 से 600 मीटर के दायरे में गैस की मौजूदगी महसूस की जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने राहत कार्य में तेजी लाने की मांग की है, ताकि लंबे समय से प्रभावित परिवारों को जल्द सुरक्षित वातावरण मिल सके।