केंदुआडीह : कॉल इंडिया के चेयरमैन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया, सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

केंदुआडीह : कॉल इंडिया के चेयरमैन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया, सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 18, 2025, 6:54:00 PM

कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम गुरुवार को धनबाद पहुंचे और सड़क मार्ग से रांची से आते हुए केंदुआडीह के गैस रिसाव प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। पदभार संभालने के बाद यह उनका धनबाद का पहला आधिकारिक दौरा रहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर चल रहे राहत, सुरक्षा और तकनीकी उपायों की विस्तार से समीक्षा की।

दौरे के दौरान चेयरमैन ने प्रभावित क्षेत्रों में लागू सुरक्षा इंतजामों, स्थानीय निवासियों के पुनर्वास की स्थिति और गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी ली। बीसीसीएल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने वर्तमान हालात, अब तक की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि पूरे क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं।

मीडिया से बातचीत में बी. साईराम ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में राज्य और केंद्र सरकार से लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई असामान्य गतिविधि या परेशानी दिखाई दे, तो तुरंत बीसीसीएल या प्रशासन को इसकी सूचना दें।

चेयरमैन ने कहा कि केंदुआडीह की स्थिति तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि यहां भूमिगत खदानें मौजूद हैं और सौ वर्ष से भी अधिक पुराने खनन सिस्टम के कारण सीधे अंदर पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में नाइट्रोजन फ्लशिंग जैसी वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत तकनीकों के माध्यम से जहरीली गैसों के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही इस क्षेत्र में सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे, उसी मॉडल को अन्य प्रभावित इलाकों में भी तेजी से लागू किया जाएगा।

निरीक्षण के बाद चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए तथा स्थानीय लोगों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए, ताकि अफवाहों पर अंकुश लगे और आमजन का भरोसा कायम रहे।