IIT (ISM) धनबाद में IInvenTiv–2026 का आगाज़, राज्यपाल बोले-नवाचार ही तय करेगा भारत का भविष्य

IIT (ISM) धनबाद में IInvenTiv–2026 का आगाज़, राज्यपाल बोले-नवाचार ही तय करेगा भारत का भविष्य

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 06, 2026, 3:51:00 PM

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित IInvenTiv–2026 के उद्घाटन समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह आयोजन देश के नवाचार और अनुसंधान आधारित विकास को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बताया कि यहां शोध, निवेश, नीति और तकनीकी नवाचार का संगम भारत के भविष्य की रूपरेखा तैयार कर रहा है।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश सदियों से वैश्विक स्तर पर मार्गदर्शक रहा है और आज फिर नवाचार के माध्यम से उसी गौरव को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नवाचार भारत की बौद्धिक क्षमता और वैज्ञानिक दक्षता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित कर रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान, स्टार्टअप, उद्योग जगत और निवेशक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यहां 150 से अधिक उच्च क्षमता वाले नवाचार प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं, सेमीकंडक्टर, मटेरियल साइंस और पृथ्वी विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। यह भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती स्थिति को भी दर्शाता है।

राज्यपाल ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान अपनी समृद्ध विरासत और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण के कारण देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनका व्यक्तिगत रूप से आईआईटी संस्थानों से जुड़ाव रहा है, जिससे उन्हें वहां की अनुशासनात्मक संस्कृति और नवाचार के माहौल को करीब से समझने का अवसर मिला।

उन्होंने इस मंच को “लैब से जमीन तक” की अवधारणा को साकार करने वाला बताया, जहां विचारों को वास्तविक रूप देकर नए स्टार्टअप, तकनीक और रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा सकते हैं। वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत के लिए आत्मनिर्भरता और तकनीकी सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है, ताकि देश विश्व में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर सके।

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत द्वारा निभाई गई मानवीय भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने वैश्विक सहयोग और सहानुभूति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राज्यपाल ने “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य की चर्चा करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं देश में नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा, ज्ञान और रचनात्मकता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और अनुशासन के साथ सकारात्मक सोच अपनाएं।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि IInvenTiv–2026 भारत के नवाचार तंत्र को सुदृढ़ करेगा और देश को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘वाधवाणी इनोवेशन सेंटर’ और ‘प्रोजेक्ट रिन्यू सूर्या’ का उद्घाटन भी किया।