धनबाद : कोयलांचल में निजी कंपनियों के माध्यम से कराए जा रहे कोयला खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगातार उठता रहा है। ताजा मामला पुटकी क्षेत्र स्थित साउथ बलिहारी 6 पिट कोलियरी का है, जहां बीसीसीएल द्वारा कोयला खनन का कार्य निजी कंपनी ईगल दीप इंफ्रा को सौंपा गया है। शनिवार देर शाम अंडरग्राउंड माइंस में काम करने जा रहे दर्जनों मजदूर उस समय हादसे का शिकार हो गए, जब उन्हें नीचे ले जा रहा कैरेज (पिंजरा) अचानक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हो गया।
घायल ने बताया कि कैरेज में सवार कई मजदूरों को चोटें आईं। घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल मजदूरों को कंपनी या प्रबंधन की ओर से तत्काल समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। साथी मजदूरों ने ही पहल करते हुए सभी घायलों को धनबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल बीसीसीएल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। मजदूरों का आरोप है कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है और निजी कंपनियां उत्पादन बढ़ाने के दबाव में श्रमिकों की जान जोखिम में डाल रही हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद किसी अधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच या कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई।
इस संबंध में बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने घटना को "छोटी घटना" बताते हुए गंभीरता से लेने से इनकार किया। अधिकारियों के इस रवैये पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मुनीडीह क्षेत्र में स्लरी धंसने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन अब साउथ बलिहारी की घटना ने यह संकेत दिया है कि पूर्व की दुर्घटनाओं से भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। वहीं अब सभी की नजर बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
संवाददाता की रिपोर्ट