सोनारडीह में हालिया भूधसान की घटना के बाद धनबाद जिला प्रशासन ने अवैध कोयला खनन के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। सदर अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) लोकेश बारंगे के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कई इलाकों में एक साथ छापेमारी कर इस गैरकानूनी गतिविधि पर सख्ती दिखाई।
इस अभियान में माइनिंग विभाग के अधिकारियों के साथ बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजनंद किस्कू सक्रिय रूप से शामिल रहे। बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक सुधाकर प्रसाद के साथ उमंग ठक्कर, अशोक कुमार और प्रेम शर्मा भी मौके पर मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक चौधरी और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
प्रशासन ने गजली टांड, रामकनाली के सूर्य मंदिर क्षेत्र और तेतुलमारी के खास सिजुआ सहित कई स्थानों को निशाना बनाते हुए एक साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान अवैध रूप से निकाले गए कोयले के भंडार और खनन में उपयोग किए जा रहे वाहनों को जब्त किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में अवैध खनन को अब किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
मौके पर निरीक्षण के दौरान SDM लोकेश बारंगे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर अवैध खनन के मुहाने खुले हैं, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने हर कार्रवाई का दस्तावेजीकरण फोटो और वीडियो के माध्यम से करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी अनिवार्य बताया। साथ ही चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पूर्ण परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
प्रशासन की यह सख्ती सोनारडीह में हुए भूधसान के बाद और बढ़ गई है, जिसने सुरक्षा और अवैध खनन के जोखिमों को उजागर कर दिया था। अब जिला प्रशासन लगातार ऐसे अभियानों को जारी रखने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह कार्रवाई जारी रही, तो अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।