धनबाद: जिले के संवेदक गुरुवार को नेमरा पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिल कर मातृ शोक प्रकट किया। मौके पर संवेदकों ने स्वर्गीय रूपी सोरेन की छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। संवेदक संघ के अध्यक्ष अकाश रवानी ने मुख्यमंत्री को धनबाद के संवेदकों की भुगतान समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि इस दुर्गा पूजा का उत्सव भुगतान के अभाव में संवेदक नहीं मना पायेंगे। रॉयल्टी नियमावली 27 अप्रैल 2026 को लागू होने से पूर्व किये गए कार्यों का भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। जिसका कारण सरकार का स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं होना है।
बता दें कि विगत 27 अप्रैल 2026 को खनिज रॉयल्टी के संबंध में जारी अधिसूचना के आलोक में जिला खनन कार्यालय धनबाद द्वारा 03 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के अनुसार अधिसूचना लागू होने से पूर्व संपन्न कार्यों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। पुराने कार्यों की वर्तमान में चालान लेने से भी उनका भुगतान नहीं किया जा रहा हैं। इस संबंध में जिला परिषद धनबाद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा यह बताया जा रहा है कि झारखण्ड सरकार की उक्त अधिसूचना लागू होने से पूर्व संपन्न कार्यों की राशि का भुगतान करने की स्थिति में रॉयल्टी की राशि किस मद में एवं किस प्रक्रिया के तहत जमा की जाएगी।
इस संबंध में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं है। इसी कारण संवेदकों के बकाया भुगतान नहीं किए जा रहे हैं। जिला परिषद, धनबाद में कार्य करने वाले अधिकांश संवेदक ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। इन संवेदकों ने अपने संसाधनों एवं पूंजी लगाकर सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कार्यों को पूरा किया है। परंतु कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने के कारण संवेदक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कई संवेदकों के समक्ष परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो गया है तथा वे भुखमरी की कगार पर हैं।
संवेदकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विनम्र अनुरोध किया हैं कि इस गंभीर समस्या पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए खनिज रॉयल्टी चालान संबंधी अधिसूचना लागू होने से पूर्व संपन्न कार्यों की बकाया राशि के भुगतान हेतु मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद धनबाद को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। साथ ही, ऐसे पूर्ववर्ती कार्यों पर रॉयल्टी की राशि जमा करने की प्रक्रिया के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि संवेदकों का लंबित भुगतान नियमानुसार शीघ्र हो सके और उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके। मौके पर मुख्य रूप से उपाध्यक्ष काशी नाथ प्रसाद, महासचिव सुमित घोष, सचिव रशाद खान एवं अन्य मौजूद रहें।
धनबाद से युधिष्ठिर की रिपोर्ट