धनबाद जिले में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निरसा अनुमंडल क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान चोरी की 13 मोटरसाइकिलों के साथ वह विशेष औजार भी बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल वाहन का लॉक तोड़ने और उसे स्टार्ट करने में किया जाता था।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि कालूबथान ओपी क्षेत्र में 19 जून को हुई एक बाइक चोरी की घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई थी। निरसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सूचना और गुप्त इनपुट के आधार पर 21 जून को नयाडांगा काली मंदिर मैदान के समीप छापेमारी की, जहां से पांच संदिग्धों को चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार चौहान, मनीष कुमार दुबे, सूरज हेम्ब्रम, चंदन कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी निरसा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें बेचने का नेटवर्क संचालित करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद आरोपी वाहनों की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट हटाते या तोड़ देते थे। इसके अलावा चेसिस नंबर को मिटाकर और मोटरसाइकिल का रंग बदलकर उसे दूसरे खरीदारों को बेच दिया जाता था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 13 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बाइक चोरी में इस्तेमाल होने वाला पेचकस जैसा विशेष उपकरण भी जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। इनके खिलाफ धनबाद के अलावा पश्चिम बंगाल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी मोटरसाइकिल चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।