धनबाद : भारतीय डाक विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। धनबाद के जोगता स्थित भेलाटांड़ पोस्ट ऑफिस में पिछले 10 दिनों से जमा और निकासी (Deposit & Withdrawal) का काम पूरी तरह से ठप है। हालांकि, चिट्ठियों के वितरण का कार्य जारी है, लेकिन वित्तीय सेवाएं बंद होने से खाताधारकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
क्यों पैदा हुई यह समस्या?
पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी सुनील कुम्हार ने जानकारी दी कि पूर्व पोस्टमास्टर राजकुमार का तबादला रांची होने के बाद से ही यहां वित्तीय कार्य बाधित हो गए हैं। हाल ही में इस पोस्ट ऑफिस को धनबाद डिवीजन से हटाकर बोकारो डिवीजन के अंतर्गत शामिल किया गया है। प्रशासनिक फेरबदल और ट्रांसफर की इस प्रक्रिया के बीच अब तक किसी नए पोस्टमास्टर की नियुक्ति नहीं की गई है, जिसके चलते कामकाज पटरी से उतर गया है।
झारखंड के कई अन्य डाकघरों का भी यही हाल
सिर्फ भेलाटांड़ ही नहीं, बल्कि सिजुआ, कतरास, सोनारडीह और इसरी बाजार सहित झारखंड के कई अन्य डाकघरों में भी कर्मचारियों की कमी और प्रशासनिक बदलाव के कारण ऐसी ही परेशानियां सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, सूत्रों का कहना है कि पहले कामकाज रांची सर्किल के जरिए संचालित होता था, और जल्द ही धनबाद में नया सर्किल कार्यालय बनने की चर्चा है, जिससे भविष्य में व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
और गहरी हो सकती है संकट की स्थिति
समस्या यहीं खत्म नहीं होती। भेलाटांड़ पोस्ट ऑफिस में पोस्टमास्टर के सहयोगी (PA) के रूप में कार्यरत विशाल कुमार का भी चास तबादला होने का मेमो जारी हो चुका है। यदि वे भी यहां से रिलीज़ होते हैं, तो इस डाकघर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। फिलहाल स्थानीय लोग रोज पोस्ट ऑफिस के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान कब तक मिलेगा, इसकी कोई निश्चित जानकारी नहीं हैं।
धनबाद से युधिष्ठिर की रिपोर्ट