BCCL की कैशबैक ई-ऑक्शन से बाजार में उछाल, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कोयले की बिडिंग

BCCL की कैशबैक ई-ऑक्शन से बाजार में उछाल, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कोयले की बिडिंग

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 25, 2026, 11:04:00 AM

धनबाद से कोयला क्षेत्र के लिए उत्साहजनक संकेत मिले हैं, जहां भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की नई कैशबैक आधारित ई-ऑक्शन पहल ने खरीदारों के बीच जबरदस्त प्रतिक्रिया पैदा की है। 18 से 20 मार्च के बीच आयोजित इस विशेष नीलामी में कंपनी को अभूतपूर्व भागीदारी मिली, जिससे बिडिंग का स्तर ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया।

इस नीलामी में बीसीसीएल ने लगभग 22.5 लाख टन कोयला उपलब्ध कराया था, जिसमें से करीब 7.5 लाख टन की सफल बुकिंग दर्ज की गई। आमतौर पर जहां ई-ऑक्शन में मांग 1 से 2 लाख टन के बीच सीमित रहती थी, वहीं इस बार कैशबैक प्रोत्साहन के कारण कुल बिडिंग 22 लाख टन से अधिक तक पहुंच गई, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।

दरअसल, कंपनी के पास बड़ी मात्रा में कोयला भंडारित है, जिसे तेजी से बाजार में उतारने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई। खरीदारों की सक्रिय भागीदारी ने इस रणनीति की सफलता के संकेत दे दिए हैं। प्रबंधन को उम्मीद है कि इससे आने वाले समय में राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इस योजना की खासियत इसका कैशबैक ढांचा है, जिसके तहत खरीदी गई मात्रा के अनुसार प्रति टन छूट दी जा रही है। छोटे खरीदारों के लिए 500 से 4,000 टन पर 100 रुपये प्रति टन की राहत तय की गई है, जबकि बड़ी मात्रा में खरीद करने वालों को अधिक लाभ मिल रहा है। 80,000 टन से अधिक की खरीद पर 600 रुपये प्रति टन तक का कैशबैक दिया जा रहा है, जिससे वास्तविक लागत में उल्लेखनीय कमी आ रही है।

इस आकर्षक मूल्य संरचना ने छोटे और बड़े दोनों तरह के उपभोक्ताओं को नीलामी में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि इस बार प्रतिस्पर्धा भी काफी तीव्र रही।

कंपनी ने उन खरीदारों के लिए भी अवसर रखा है जो इस चरण में भाग नहीं ले सके। अगली ई-ऑक्शन प्रक्रिया 31 मार्च और 2 अप्रैल को आयोजित की जाएगी, जिसमें फिर से कैशबैक का लाभ दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बीसीसीएल को दोहरा फायदा मिलेगा; एक ओर बिक्री बढ़ेगी और दूसरी ओर खदानों के आसपास जमा कोयले का भंडार कम होगा। इससे मानसून से पहले खनन क्षेत्रों में पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़ेगा।

समग्र रूप से देखा जाए तो कैशबैक ई-ऑक्शन योजना ने बीसीसीएल के लिए सकारात्मक परिणाम देने शुरू कर दिए हैं। यह कदम न केवल बाजार में मांग को सक्रिय करने में सफल रहा है, बल्कि कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।