धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित स्टील गेट सब्जी मंडी में बीती रात अचानक भीषण आग लग गई, जिससे मंडी में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में 12 से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात मंडी परिसर में पहले धुआं उठता नजर आया और फिर देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं। सब्जी, आलू के गोदाम, राशन सामग्री, पूजा सामान समेत अन्य दुकानों में रखा माल आग की चपेट में आ गया। कई दुकानदारों का कहना है कि आग का फैलाव इतना तेज था कि वे दुकान से सामान निकालने तक का समय नहीं पा सके।
घटना की खबर मिलते ही झरिया के पूर्व विधायक और मेयर प्रत्याशी संजय सिंह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। वहीं सरायढेला थाना प्रभारी मंजीत सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बताया कि आग की जानकारी तुरंत दमकल विभाग को दी गई, जिसके बाद एक-एक कर चार दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पीड़ित दुकानदारों ने दावा किया कि मंडी में इससे पहले भी चार से पांच बार आग लग चुकी है। हर बार 15 से 20 दुकानों को नुकसान होता रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
दुकानदारों ने मंडी के आसपास अवैध शराब बिक्री और रात में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इसी वजह से इलाके में बार-बार आगजनी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और मुआवजे की मांग की है।
आग में प्रभावित मालती देवी ने रोते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद वे अकेले दुकान चला रही थीं और बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। उन्होंने कहा कि घटना के वक्त वह दुकान में ही सो रही थीं और किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा सकीं, लेकिन दुकान में रखा पूरा सामान जलकर खत्म हो गया।
वहीं ममता मोदी ने बताया कि उनके पिता प्रकाश मोदी की राशन दुकान भी पूरी तरह जल गई। उन्होंने भी इलाके में अवैध शराब बिक्री को घटनाओं की वजह बताया। पीड़ित विश्वनाथ मंडल और हीरा साव ने भी बताया कि उनकी दुकानें जलकर बर्बाद हो गईं। हीरा साव का आलू गोदाम और दुकान के अंदर खड़ी बाइक भी आग में जलकर राख हो गई।
दमकल विभाग के प्रधान अग्नि चालक मंजूर आलम ने बताया कि आग बेहद भयावह थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने कड़ी मेहनत कर उसे नियंत्रित कर लिया। हालांकि अब तक आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।