AI युग की तैयारी में देवघर, STPI में युवाओं को मिल रही आधुनिक तकनीक की खास ट्रेनिंग

AI युग की तैयारी में देवघर, STPI में युवाओं को मिल रही आधुनिक तकनीक की खास ट्रेनिंग

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 31, 2026, 5:41:00 PM

देश और दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में तकनीक के इस क्षेत्र का प्रभाव और व्यापक होने की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार एआई को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में प्रस्तावित एआई आधारित राष्ट्रीय कार्यक्रम से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इस पहल के तहत शनिवार को झारखंड के देवघर में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केंद्र में रखकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। जसीडीह स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) के माध्यम से युवाओं को रोजाना एआई से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे नई तकनीक की संभावनाओं को समझ सकें और उसका व्यावहारिक उपयोग कर सकें।

एसटीपीआई के डायरेक्टर जनरल अरविंद कुमार ने कहा कि मौजूदा दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों को केवल अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि नए और बेहतर विचारों के दम पर आगे बढ़ने का मौका देता है। उन्होंने बताया कि जहां कुछ दशक पहले आईटी सेक्टर चर्चा का केंद्र था, वहीं आने वाले समय में एआई ही तकनीकी विकास की दिशा तय करेगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले महीनों में देवघर स्थित एसटीपीआई केंद्र के भवन और बुनियादी ढांचे को और सशक्त किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि को बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे विशेषज्ञों की नियुक्ति की योजना है, जो युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की गहन और व्यावहारिक ट्रेनिंग दे सकें। वहीं, जन-एआई संस्था के संस्थापक मदन पाडके ने बताया कि वे अपने छात्रों को यह सिखा रहे हैं कि दैनिक जीवन में एआई का सही और सकारात्मक उपयोग कैसे किया जाए। इस विषय पर सरकार के साथ भी लगातार संवाद जारी है।

देवघर के एसटीपीआई में एआई प्रशिक्षण दे रहीं प्रशिक्षक माधुरी ने बताया कि अब तक लगभग 350 युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी जानकारी दी जा चुकी है। फिलहाल 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है, जबकि भविष्य में सभी उम्र के लोगों के लिए यह कार्यक्रम खोलने की योजना है। प्रशिक्षण के दौरान यह समझाया जाता है कि पढ़ाई, नौकरी और इंटरव्यू में एआई का उपयोग किस तरह किया जा सकता है, और इसके लिए किसी विशेष कोडिंग या तकनीकी पृष्ठभूमि की आवश्यकता नहीं होती।

गौरतलब है कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया के देशभर में कुल 68 केंद्र कार्यरत हैं। झारखंड में रांची और देवघर, जबकि बिहार में पटना और भागलपुर में इसके केंद्र मौजूद हैं। जसीडीह स्थित यह केंद्र न केवल देवघर, बल्कि आसपास के जिलों के युवाओं को भी आईटी और एआई से जुड़े रोजगार के अवसरों से जोड़ रहा है।

इस अवसर पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि देवघर को आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आने वाले समय में देवघर तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनेगा। फरवरी में दिल्ली में होने वाले एआई कार्यक्रम को लेकर देवघर की भूमिका को कैसे सुदृढ़ किया जाए, इस पर स्थानीय और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार मंथन किया जा रहा है।