संभावित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लोगों को सतर्क और तैयार करने के उद्देश्य से देवघर में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने व्यापक मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान स्कूली बच्चों से लेकर आम नागरिकों तक को आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
एनडीआरएफ की टीम ने देवघर के विभिन्न स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि आपदा के समय घबराने के बजाय किस तरह सूझबूझ के साथ अपनी और दूसरों की जान बचाई जा सकती है। अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित स्थानों की पहचान, सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके और आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया।
मॉक ड्रिल को लेकर एनडीआरएफ अधिकारी कृष्ण मुरारी ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी आपदाओं की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाना है। उन्होंने लोगों को यह भी समझाया कि भूकंप आने पर खुले स्थानों की ओर कैसे जाना चाहिए और किन परिस्थितियों में भवन के भीतर सुरक्षित शरण ली जा सकती है।
इसके अलावा, खनन से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संभावित हादसों को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई। एनडीआरएफ ने पहाड़ी और पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों से भी अपील की कि वे जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा चिन्हित जोखिम भरे इलाकों से दूर रहें और जारी चेतावनियों का पालन करें।
एनडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में राहत और बचाव कार्यों को और अधिक तेज व प्रभावी बनाने के लिए मुख्यालय और स्थानीय इकाइयों के बीच निरंतर समन्वय और रणनीतिक चर्चा की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में सहायता कम से कम समय में लोगों तक पहुंचे और अधिक से अधिक क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।