चतरा जिले के सिमरिया स्थित कासियातु जंगलों में गिरे रेडबर्ड के BE C90 एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर जांच में एक अहम तथ्य सामने आया है। दुर्घटनाग्रस्त विमान में ब्लैक बॉक्स नहीं था, जिससे हादसे की असली वजह तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए कठिन हो गया है।
छोटे विमानों में ब्लैक बॉक्स अनिवार्य नहीं
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार यह विमान हल्के वजन की श्रेणी में आता था। मौजूदा विमानन नियमों के तहत तय सीमा से कम वजन वाले छोटे विमानों में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) लगाना जरूरी नहीं होता। इसी वजह से इस एयर एंबुलेंस में ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था।
अब वैकल्पिक तरीकों से होगी पड़ताल
रिकॉर्डिंग उपकरण न होने के कारण जांच एजेंसियां अब अन्य तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का सहारा ले रही हैं। पायलट और रांची व दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई आखिरी बातचीत का विश्लेषण किया जाएगा।
इसके अलावा दुर्घटनास्थल से मिले मलबे, इंजन के हिस्सों और अन्य तकनीकी घटकों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि किसी संभावित तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स न होने से प्रक्रिया जटिल जरूर हुई है, लेकिन उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और संचार रिकॉर्ड के आधार पर हादसे के कारणों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।