झारखंड के चतरा जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिमरिसया थाना क्षेत्र के कटिया तुमा पत्रा गांव में पुलिस ने एक वीरान पड़े मकान से कोडीन युक्त कफ सिरप की भारी खेप बरामद की है। छापेमारी के दौरान कुल 42 पेटियां कफ सिरप जब्त की गईं, जिन्हें नशे के तौर पर बाजार में खपाने की तैयारी थी।
इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अंकित कुमार सिंह सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय के बयान के आधार पर दर्ज केस में तुम्बापतरा गांव निवासी उज्जवल सिंह और एदला गांव के सूरज सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहर से अवैध तरीके से कोडीन युक्त कफ सिरप मंगवाते थे और उसे गांव के सुनसान घरों में छिपाकर रखते थे। इसके बाद ऊंचे दामों पर अलग-अलग इलाकों में चोरी-छिपे इसकी सप्लाई की जाती थी। बरामद बोतलों पर 200 रुपये का अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित पाया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह अवैध तस्करी सिमरिया अनुमंडल क्षेत्र में लंबे समय से चल रही थी। इस कार्रवाई के बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है और कई तस्करों के फरार होने की सूचना है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में युवाओं के बीच नशे की लत तेजी से फैल रही है। गांजा, अफीम और ब्राउन शुगर के साथ-साथ कोडीन युक्त कफ सिरप का भी बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। जहां एक ओर तस्कर इस अवैध धंधे से मोटी कमाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।