बोकारो ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़े बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडे की जमानत याचिका पर सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई पूरी हो गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब इस याचिका पर 27 जुलाई को आदेश सुनाया जाएगा।
यह मामला करीब 11 करोड़ रुपये की कथित अनियमित निकासी से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय की लेखा शाखा में वेतन भुगतान संबंधी गड़बड़ियों के सामने आने के बाद हुई थी। महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने पर राज्य के वित्त विभाग ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।
प्रारंभिक जांच के आधार पर बोकारो में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद लेखा शाखा में कार्यरत कौशल कुमार पांडे को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जांच के दौरान लेखा शाखा के एएसआई अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार तथा काजल मंडल को भी गिरफ्तार किया गया।
सीआईडी इस मामले में आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, कौशल कुमार पांडे कथित रूप से डीडीओ का विश्वास जीतकर ओटीपी प्राप्त करता था और उसके बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर सरकारी राशि का दुरुपयोग करता था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में मिलने वाले भुगतान को उसने अपनी मां बृज कुमारी देवी के बैंक खाते में स्थानांतरित कराया।
चार्जशीट के मुताबिक, वर्ष 2021 के बाद कई कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के जीपीएफ नंबर में कथित रूप से बदलाव कर धनराशि अपनी मां के खाते में भेजी गई। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि गृह रक्षक सतीश कुमार के बैंक खाते का उपयोग भी रकम के लेन-देन के लिए किया गया, जहां राशि जमा होने के बाद उसका बड़ा हिस्सा निकालकर मुख्य आरोपी को सौंप दिया जाता था।
अब इस चर्चित आर्थिक अपराध मामले में सभी की निगाहें 27 जुलाई पर टिकी हैं, जब सीआईडी की विशेष अदालत मुख्य आरोपी की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी।