बोकारो जिले के चास स्थित मुस्कान हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पहचान इरफान अंसारी के रूप में हुई है। मरीज की मौत के बाद बोकारो जिला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर महथा ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। मामले को लेकर सिविल सर्जन से जांच की मांग भी की गई है।
मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब बोकारो जिला कांग्रेस अध्यक्ष जवाहर महथा ने अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई। साथ ही उन्होंने मौत के बाद भी इलाज के बिल भुगतान को लेकर सवाल उठाया। जवाहर महथा ने बोकारो सिविल सर्जन से फोन पर बात कर पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल सरकार की गाइडलाइन के तहत संचालित हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को गलत बताया है। मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर शाहनवाज अनवर के मुताबिक, मरीज 24 अगस्त को अस्पताल आया था और इससे पहले उसका इलाज कहीं और चल रहा था। अस्पताल पहुंचने पर जांच में यूरिया 210 और क्रिएटिनिन 7 पाया गया। डॉक्टर के मुताबिक इलाज शुरू होने के बाद मरीज की स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन क्रिएटिनिन बढ़कर 10.8 तक पहुंच गया। बाद की जांचों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मरीज की किडनी गंभीर रूप से प्रभावित थी और आखिरकार उसकी मौत हो गई। डॉक्टर ने कहा कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं बरती गई।
मुस्कान हॉस्पिटल के प्रबंधक ने डॉक्टर इरफान अंसारी ने भी इलाज में लापरवाही और मौत के बाद बिल वसूली के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मरीज आईसीयू में वेंटिलेटर पर था, बावजूद इसके आर्थिक स्थिति को देखते हुए जनरल वार्ड का चार्ज लगाया गया। प्रबंधन के मुताबिक मरीज पर करीब 46 हजार रुपये बकाया थे, इसके बावजूद उसकी स्थिति को देखते हुए डायलिसिस समेत जरूरी इलाज कराया गया। अस्पताल ने मानवता के आधार पर बकाया राशि में से करीब 36 हजार रुपये छोड़ने की बात भी कही है।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट