शव को भी यहां करना पड रहा इंतजार, न्याय की आस में भूख हड़ताल पर बैठा परिवार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 22, 2026, 5:49:00 PM

झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के एसएमएस-2 में कार्यरत कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की मौत के बाद उनका परिवार न्याय और नियोजन की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आया है। पिछले पांच दिनों से मृतक का शव बीजीएच की मर्चरी में रखा हुआ है, जबकि बुधवार को मृतक की पत्नी, बेटी और अन्य परिजन एडीएम बिल्डिंग के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए।

परिवार के समर्थन में भाजपा, आजसू और विस्थापित संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचे। भाजपा नेत्री एंजेला सिंह ने आरोप लगाया कि बीएसएल प्रबंधन नौकरी देने में टालमटोल कर रहा है और मजदूर यूनियनें भी इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी नहीं हैं। वहीं विस्थापित नेता रघुनाथ महतो ने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन ने मांगें नहीं मानीं तो विस्थापित भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। आजसू नेता अजय सिंह ने कहा कि बीएसएल की दोहरी नीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी जनप्रतिनिधियों को इस परिवार के न्याय की लड़ाई में आगे आना चाहिए।

मृतक की बेटी ने आरोप लगाया कि 30 अप्रैल को प्लांट में कार्य के दौरान घायल होने के बाद उनके पिता का इलाज पहले बीजीएच और फिर कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा था। उनका कहना है कि इलाज में सुधार होने के बावजूद बीएसएल प्रबंधन ने अधिक खर्च का हवाला देकर मरीज को वापस बीजीएच लाने को कहा। बाद में हालत बिगड़ने पर लंबे दबाव के बाद 15 जुलाई को रांची मेडिका रेफर किया गया, जहां 17 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अब परिवार नियोजन और न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है।

बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट