80 की उम्र में भी अद्भुत था कुंवर सिंह का साहस : कुमार अमित

80 की उम्र में भी अद्भुत था कुंवर सिंह का साहस : कुमार अमित

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 23, 2026, 5:45:00 PM

विजय दिवस के अवसर पर 23 अप्रैल को बोकारो के सेक्टर-4 स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर उन्हें माल्यार्पण कर सम्मान दिया। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले अन्य वीरों; तेलगा खड़िया और जीतराम वेदिया को भी उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने 1857 के विद्रोह के प्रमुख नायक बाबू कुंवर सिंह के साहस और नेतृत्व को याद करते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया। भाजपा नेता कुमार अमित ने कहा कि कुंवर सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली अध्याय के प्रतीक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उनका संघर्ष अद्वितीय था और विश्व इतिहास में ऐसी वीरता के उदाहरण बहुत कम मिलते हैं।

बीएसएल ऑफिसर्स एसोसिएशन के अतुल सिंह ने अपने संबोधन में झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों; ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव, गणपत राय और शेख बिहारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भी कुंवर सिंह के विचारों से प्रेरित होकर आजादी की लड़ाई में कूद पड़े और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कुंवर सिंह का जीवन और उनकी राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर बीएसएल के अधिकारी निरंजन कुमार सहित करणी सेना और अन्य संगठनों के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में गोपाल सिंह, बच्चा सिंह, लालू सिंह कुशवाहा, दिलीप सिंह, रामाकांत पंडित, सुरेश सिंह, अवधेश सिंह, चंद्रप्रकाश, शशि भूषण सिंह, मनोज सिंह, युगल सिंह, तरुण सिंह, वीर विक्रम, ओम प्रकाश सिंह, मुकेश सिंह, कपूर, योगेंद्र प्रसाद, विकास सिंह और घनश्याम सिंह सहित अनेक लोगों ने भाग लिया।