राज्य के बोकारो जिले से अहम खबर है। यहां बाल कल्याण समिति की पहल पर दो बच्चे अपने माता पिता से करीब पांच साल बाद मिल सके हैं। दोनों ही बच्चे असम के रहने वाले हैं। बाल कल्याण समिति की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। बिछडे बच्चों के परिजनों ने भी बाल कल्याण समिति की कोशिश की सराहना की है।
मिली जानकारी के अनुसार 2021 में असम के निवासी दो बच्चे बोकारो रेलवे स्टेशन पर मिले थे। भाषा के कारण आ रही परेशानी के कारण अपना सही नाम और पता नहीं बता पा रहे थे। जिसके बाद चाइल्ड लाइन के माध्यम से दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में लाया गया, जिसके बाद उनके परिजनों की तलाश शुरू की गई।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष लीला देवी ने बताया कि दोनों बच्चे खेल-खेल में ट्रेन पर सवार होकर बोकारो पहुंच गए थे। बच्चों के लापता होने के बाद उनके माता-पिता ने संबंधित थाने में मामला भी दर्ज कराया था। लेकिन बच्चों से सही जानकारी नहीं मिलने और भाषा की समस्या के कारण उनके परिजनों तक पहुंचने में काफी समय लग गया।लगातार प्रयास के बाद समिति को बच्चों के माता-पिता की जानकारी मिली। इसके बाद सबसे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बच्चों की उनके माता-पिता से बात कराई गई। पहचान और संतुष्टि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित थाना से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और अब दोनों बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जब दोनों बच्चे बोकारो में मिले थे, तब उनकी उम्र करीब 10 वर्ष थी और अब वे लगभग 15 वर्ष के हो चुके हैं। पांच साल बाद बच्चों को उनके पिता का सहारा मिलने पर बाल कल्याण समिति ने खुशी जताई है।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट