बोकारो की लापता युवती पुष्पा कुमारी से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित जांच रिपोर्ट जांच अधिकारी (आईओ) को वापस भेज दी गई है और मामले की जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई और उसके तथ्यों की समीक्षा अब ट्रायल कोर्ट के स्तर पर की जाएगी। रिपोर्ट की वैधता, प्रासंगिकता और उसमें शामिल तथ्यों पर विचार करने का अधिकार ट्रायल कोर्ट के पास रहेगा। इस दौरान हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की सामग्री पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की स्थिति जानने की भी इच्छा जताई, जिन पर जांच में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। हाईकोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के समय विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य भी अदालत में मौजूद रहे। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है।
गौरतलब है कि बोकारो की 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी जुलाई 2025 से लापता है। परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसी कथित उदासीनता को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां अब जांच और पुलिस की भूमिका दोनों न्यायिक निगरानी में हैं।