बोकारो जिले में एक निजी बैंक में कार्यरत युवती ने अपहरण के प्रयास का गंभीर आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया है। युवती ने एसपी आवास के समीप स्थित वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष लीला देवी के समक्ष पूरी घटना का विवरण साझा किया। पीड़िता का दावा है कि 5 तारीख को उसके साथ जबरन अगवा करने की कोशिश की गई थी।
युवती के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वह सेक्टर-4 स्थित निजी बैंक से काम निपटाकर शाम करीब 5 बजे अपने घर लौट रही थी। रास्ते में कुमार मंगल स्टेडियम के पास पहुंचते ही एक चारपहिया वाहन उसके करीब आकर रुका। यह वाहन टाटा कंपनी का बताया जा रहा है, जिस पर “प्रेस” लिखा हुआ था।
पीड़िता ने बताया कि कार में तीन महिलाएं मौजूद थीं, जिनकी उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच लग रही थी। महिलाओं ने उसे यह कहकर गाड़ी में बैठने का आग्रह किया कि वे उसे घर तक छोड़ देंगी। हालांकि, युवती को उनकी बातों पर संदेह हुआ और उसने उनके साथ जाने से साफ मना कर दिया।
युवती का कहना है कि इनकार करने के बावजूद कार सवार महिलाएं बार-बार उसी इलाके में घूमती रहीं और करीब तीन बार उसके आसपास आगे-पीछे चक्कर लगाती दिखीं। इससे वह काफी घबरा गई और सतर्क हो गई।
इसी दौरान जब उसके मोबाइल पर कॉल आया और वह फोन पर बात करने लगी, तब कार में बैठी महिलाएं अचानक तेज रफ्तार में दूसरी दिशा की ओर निकल गईं। इसके बाद युवती ने राहत महसूस की और सुरक्षित तरीके से घर पहुंच गई।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष लीला देवी ने इसे बेहद गंभीर घटना बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में सख्ती और संवेदनशीलता के साथ जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि शाम के समय सुनसान इलाकों में गश्ती बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
वहीं, सेक्टर-4 थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि अब तक युवती की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन सूचना के आधार पर पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।
थाना प्रभारी के मुताबिक, घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, जिससे वाहन और संदिग्ध महिलाओं की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।