बिहार की सियासत में इस समय सबसे अधिक चर्चा गृह विभाग के जिम्मे को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में यह महत्वपूर्ण विभाग उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट कर दिया कि एनडीए सरकार के भीतर किसी तरह का विवाद या असहमति नहीं है। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले भी मजबूत थी और अब सम्राट चौधरी के आने के बाद अपराधियों के लिए जगह और भी कम हो जाएगी।
सतीश चंद्र दुबे ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि "यह कोई सवाल नहीं है कि गृह मंत्रालय किसे मिला। 2005 से ही बिहार में कानून का राज कायम हुआ है। एनडीए की सरकार आई और अपराध पर नकेल कसी गई। लेकिन अब जब सम्राट चौधरी गृह मंत्री बने हैं, तो अपराधियों को बिहार छोड़ देना होगा, नहीं तो अपराध छोड़ना होगा।"।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई अपराधी पहले छिटपुट घटनाओं को अंजाम भी दे देता था, तो अब वह भी मुश्किल होगा। बिहार सरकार और गृह विभाग दोनों ऐसे तत्वों को सलटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके अनुसार, नए गृह मंत्री के कामकाज और सख्त छवि से अपराधियों में पहले ही भय का माहौल बन चुका है
केंद्रीय मंत्री ने यह दावा भी किया कि एनडीए में गृह मंत्रालय को लेकर कोई भी अंतर्विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दल पूरी मजबूती के साथ एकजुट होकर सरकार चला रहे हैं। दुबे ने कहा, "एनडीए में कोई बवाल नहीं है। हम सब एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और जनता के विकास व सुरक्षा के लिए समर्पित हैं।" उन्होंने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर कलह का भ्रम फैलाना विपक्ष की पुरानी आदत है, लेकिन इस बार भी उनकी ये कोशिशें नाकाम होंगी