सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NEET-UG 2026 विवाद, दोबारा परीक्षा की मांग तेज; CBI ने कई राज्यों में शुरू की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NEET-UG 2026 विवाद, दोबारा परीक्षा की मांग तेज; CBI ने कई राज्यों में शुरू की कार्रवाई

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 13, 2026, 12:12:00 PM

NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर परीक्षा को न्यायिक निगरानी में दोबारा आयोजित कराने की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है, इसलिए एजेंसी की मौजूदा प्रशासनिक संरचना में बदलाव जरूरी है।

इस बीच पेपर लीक की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी महाराष्ट्र के नासिक पहुंची, जहां संदिग्ध शुभम खैरनार को हिरासत में लिया गया। दूसरी ओर राजस्थान पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS प्रथम वर्ष के एक छात्र को भी पूछताछ के लिए पकड़ा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के तार राजस्थान, महाराष्ट्र और केरल तक जोड़कर देख रही हैं।

NTA ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। एजेंसी ने स्वीकार किया कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने सार्वजनिक रूप से माना कि परीक्षा संचालन में चूक हुई है और दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नई तारीखों की घोषणा एक सप्ताह के भीतर किए जाने की संभावना है। केंद्र सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी है। इसके बाद एजेंसी ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

सूत्रों के मुताबिक, कथित पेपर लीक का खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले एक तथाकथित “क्वेश्चन बैंक” छात्रों के बीच प्रसारित किया गया था। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक प्रश्न शामिल थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इनमें से करीब 150 प्रश्न वास्तविक NEET पेपर से मेल खाते थे।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह सामग्री सबसे पहले केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू निवासी एक छात्र से राजस्थान पहुंची। उसने यह दस्तावेज अपने एक परिचित को भेजा, जिसके बाद सीकर स्थित एक पीजी संचालक तक यह पहुंचा। वहां से यह कई छात्रों, कोचिंग संपर्कों और काउंसलिंग नेटवर्क के जरिए फैलता चला गया।

3 मई को परीक्षा समाप्त होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने स्थानीय पुलिस और NTA को इस संदिग्ध सामग्री के बारे में शिकायत दी थी। इसके बाद 6 और 7 मई को सोशल मीडिया और ऑनलाइन चैट समूहों में परीक्षा से जुड़े सवालों और उत्तरों की चर्चाएं तेजी से वायरल हुईं। इसी दौरान कथित “क्वेश्चन बैंक” और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच समानता को लेकर संदेह गहराया।

NTA ने बाद में स्वीकार किया कि उसे 7 मई को राजस्थान और उत्तराखंड से गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी। 8 मई को एजेंसी ने मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया। इसके बाद राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई करते हुए सीकर और आसपास के इलाकों से अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी प्रश्न बैंक से कुछ सवाल परीक्षा में आ जाना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्नों का मेल होना गंभीर संदेह पैदा करता है। चूंकि NEET में कुल 180 प्रश्न हल करने होते हैं और कथित दस्तावेज से बड़ी संख्या में सवाल मिलने की बात सामने आई है, इसलिए जांच एजेंसियां इसे संगठित लीक नेटवर्क की तरह देख रही हैं।

अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह सामग्री कितने छात्रों तक पहुंची थी, लेकिन जांचकर्ताओं का मानना है कि इसका प्रसार बड़े स्तर पर हुआ। कई छात्रों को यह सामग्री व्हाट्सएप पर “फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स” टैग के साथ प्राप्त हुई थी, जिससे इसके व्यापक रूप से साझा किए जाने की आशंका और मजबूत हुई है।