बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे उल्लेखनीय कार्य : उच्च शिक्षा निदेशक

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली में 20–21 अगस्त को इम्पलीमेंटेशन ऑफ इनईपी 2020 – स्टारेंगथेनिंग स्टेट सिस्टम थ्रू एबीसी, एम ई एम ई, आरपीएल एंड इंसीलुसिओं ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्शी बैठक आयोजित की गई।

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली में 20–21 अगस्त को इम्पलीमेंटेशन ऑफ इनईपी 2020 – स्टारेंगथेनिंग स्टेट सिस्टम थ्रू एबीसी, एम ई एम ई, आरपीएल एंड इंसीलुसिओं ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्शी बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के राज्य उच्च शिक्षा परिषदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अग्रवाल ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया तथा राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण सुधारों एवं नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में बिहार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स , मल्टीपल इंट्री एंड मल्टीपल एग्जिट और रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग जैसे एनईपी के महत्वपूर्ण प्रावधानों को उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

उन्होंने विशेष रूप से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को डिग्री कार्यक्रम के साथ-साथ वास्तविक कार्यस्थल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कार्यानुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल एवं कार्य-अनुभव का समन्वय स्थापित होगा तथा उन्हें रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।

प्रो. डॉ. अग्रवाल ने बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार एवं पहुंच बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 211 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। इन महाविद्यालयों का उद्देश्य विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करना है, जहाँ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में जाना पड़ता था। इससे स्थानीय स्तर पर विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं, को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ गुणवत्ता, समान अवसर, समावेशन, डिजिटल शिक्षा, शोध एवं नवाचार तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को एनईपी 2020 की भावना के अनुरूप सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुधारात्मक एवं संस्थागत पहल की जा रही है।

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा का विस्तार केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य की प्राथमिकता है। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों के अनुभवों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान से एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति मिलेगी तथा बिहार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई दिशा और नए मानक स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।