पटना: शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए बुधवार को संशोधित समय-सारणी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया 30 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान शिक्षक अपनी पसंद और वरीयता के अनुसार विद्यालयों का विकल्प चुन सकेंगे। सामान्य स्थानांतरण की सूची जारी करने, उस पर प्राप्त आपत्तियों एवं अपीलों का निष्पादन करने सहित पूरी प्रक्रिया 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक पूरी की जाएगी।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में समायोजन एवं समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिन 14 जिलों में यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, वहां 9 से 14 नवंबर तक जिला स्थापना समिति की बैठक होगी और शिक्षकों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 17 से 25 नवंबर तक प्रमंडल एवं राज्य स्थापना समिति की बैठक, सूची का प्रकाशन, अपील प्राप्त करने और उनके निष्पादन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दूसरे चरण में पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी। जिन 14 जिलों में यह प्रक्रिया लंबित है, वहां 9 से 14 नवंबर तक जिला स्थापना समिति के माध्यम से पारस्परिक स्थानांतरण किया जाएगा। वहीं, 17 से 25 नवंबर तक प्रमंडल एवं राज्य स्थापना समिति के स्तर पर यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
तीसरे चरण में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। समायोजन एवं पारस्परिक स्थानांतरण के बाद 27 नवंबर को विद्यालयवार संशोधित रिक्तियों की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 30 नवंबर से 7 दिसंबर तक शिक्षक अपनी वरीयता के अनुसार विद्यालयों का विकल्प चुनते हुए आवेदन कर सकेंगे। 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक जिला, प्रमंडल एवं राज्य स्थापना समितियों के स्तर पर सामान्य स्थानांतरण की सूची जारी करने, उस पर अपील प्राप्त करने और उनका निष्पादन करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मालूम हो, बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। इसके लिए विभाग ने पहले समय-सारणी जारी की थी, जिसे बाद में संशोधित किया गया। हालांकि, बिहार विधान परिषद् के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन, 2026 के मद्देनजर लागू आदर्श आचार संहिता के कारण 8 अक्टूबर को स्थानांतरण संबंधी गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया था। अब आदर्श आचार संहिता की अवधि समाप्त होने के बाद विभाग ने संशोधित कार्यक्रम जारी किया है।