BPSC TRE-4 को लेकर पटना की सड़कों पर भारी बवाल, शिक्षा मंत्री आए सामने, कहा-जल्द आएगा TRE-4 विज्ञापन

बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के विज्ञापन में हो रही लगातार देरी को लेकर पटना की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी आंदोलन की तैयारी में हैं। इसी बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए बड़ा बयान दिया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 20, 2026, 12:47:00 PM

बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के विज्ञापन में हो रही लगातार देरी को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। आज राजधानी पटना की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी आंदोलन की तैयारी में हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए छात्र नेताओं को हिरासत में लिया है। इस आंदोलन का नेतृत्व करने आ रही प्रमुख छात्र नेत्री खुशबू पाठक को पटना पहुंचने से ठीक पहले ही रास्ते में हिरासत में ले लिया। वहीं रिंकल यादव, जो पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रह चुके हैं, उन्हें प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में लिया। इससे आंदोलन और भी उग्र होता नजर आ रहा है। इसी बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए बड़ा बयान दिया है।

बीपीएससी अभ्यर्थियों के महाआंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि छात्रों को किसी भी तरह की घबराहट या पैनिक में आने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है और TRE-4 का विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा। मंत्री ने यह भी साफ किया कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रयास चल रहे हैं और कोई भी देरी जानबूझकर नहीं की जा रही है।

हालांकि बयान के साथ ही उन्होंने आंदोलन के पीछे किसी साजिश की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो छात्रों को भड़काकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है और ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

इससे पहले पुलिस ने छात्र नेत्री खुशबू पाठक को पटना पहुंचने से ठीक पहले ही रास्ते में हिरासत में ले लिया है। बिहटा थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है और वर्तमान में खुशबू पाठक सहित दो से तीन लोगों को थाने में ही हिरासत में रखा गया है। बताया जा रहा है कि रिंकल यादव, जो पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रह चुके हैं, उन्हें प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने घसीटते हुए हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद छात्रों में आक्रोश फैल गया और माहौल अचानक गरमा गया।

इसी बीच प्रदर्शन में शामिल महिला अभ्यर्थियों के साथ भी पुलिस की सख्ती देखने को मिली। आरोप है कि कुछ महिला उम्मीदवारों को भी धरना स्थल से हटाते समय घसीटकर ले जाया गया, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई। इस घटना के बाद वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने आए थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया। 

प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से तय की गई है, जहां से हजारों अभ्यर्थी जुलूस की शक्ल में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय की ओर कूच करेंगे। माहौल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है और शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इससे पहले ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छात्र नेता खुशबू पाठक को हिरासत में ले लिया, जिससे आंदोलनकारी छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है।

छात्र नेताओं की इस अचानक हुई हिरासत के बाद पटना कॉलेज, कारगिल चौक और गर्दनीबाग धरना स्थल सहित पूरे शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। आज के प्रदर्शन को लेकर खुफिया तंत्र भी सक्रिय है और प्रशासन को आशंका है कि आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। इसी कारण पूरे इलाके को छावनी में तब्दील करने जैसी तैयारी चल रही है।