NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी तेज कर दी है। एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि री-एग्जाम की तारीखों और पूरी प्रक्रिया से जुड़ा कार्यक्रम अगले एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर घोषित कर दिया जाएगा।
पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने NEET-UG 2026 को निरस्त करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। सरकार और NTA दोनों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी ताकि चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए NTA प्रमुख ने कहा कि एजेंसी विशेषज्ञों और अपनी आंतरिक टीम के साथ मिलकर नई परीक्षा तिथि तय कर रही है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि दोबारा परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित होगी और इस प्रक्रिया में परीक्षार्थियों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी नहीं होगी।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पहले से पंजीकृत सभी अभ्यर्थियों का आवेदन मान्य रहेगा और उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखना एजेंसी की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जो कुछ हुआ, उसे गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे आरोपी एजेंसी के भीतर का हो या बाहरी नेटवर्क से जुड़ा हो, सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग CBI से की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी नहीं चाहती कि इस घटना का असर भविष्य में आयोजित होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं पर पड़े। NTA ने भरोसा जताया कि सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत कर आगामी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाएगा।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 का आयोजन 3 मई को देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में किया गया था। यह परीक्षा MBBS, BDS सहित अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होती है। इस वर्ष करीब 22.79 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।
हाल के दिनों में कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में धांधली की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद केंद्र सरकार पर परीक्षा रद्द करने का दबाव बढ़ गया था। अब पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना व्यापक था।