NEET पेपर लीक में ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने एक बड़े संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मेडिकल कॉलेजों में MBBS एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये की ठगी करता था। इस मामले में गिरोह के सरगना, एक डॉक्टर सहित कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से एक शख्स संतोष कुमार जायसवाल आरजेडी नेता बताए जाते हैं। जो तेजस्वी यादव के करीबी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल भी शामिल हैं, जिन्हें इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोप है कि यह गिरोह NEET अभ्यर्थियों को 20 से 30 लाख रुपये में मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का झांसा देता था। मामले में आरजेडी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
पुलिस का दावा है कि संतोष जायसवाल इस पूरे नेटवर्क का “किंगपिन” था और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रों से 20 से 30 लाख रुपये तक की डील की जाती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाता था कि सेटिंग के जरिए MBBS सीट दिला दी जाएगी। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।
बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी गई है। बिहार, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में पेपर लीक और फर्जी एडमिशन नेटवर्क को लेकर लगातार कार्रवाई हो रही है। देशभर में इस मुद्दे को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। विपक्षी पार्टियां भी हमलवार है और पेपर लीक को लेकर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है।