अवैध निकासी की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट दें, तीन दिनों में राशि की भरपाई हो वरना कानूनी कार्रवाई : सीके अनिल

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने कहा है कि किसी भी शिक्षक, पदाधिकारी या कर्मी द्वारा अधिक वेतन का उठाव किया गया है तो अगले दो से तीन दिनों के अंदर राशि वापस करना सुनिश्चित करें।

पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने कहा है कि किसी भी शिक्षक, पदाधिकारी या कर्मी द्वारा अधिक वेतन का उठाव किया गया है तो अगले दो से तीन दिनों के अंदर राशि वापस करना सुनिश्चित करें। अवैध निकासी की जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन दें। राशि वापस नहीं करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में कराए गए मेंटेनेंस कार्यों की भी जांच कराएं। अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। अनिल शनिवार को पूर्वी चंपारण जिले के समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

जिलाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त की उपस्थिति में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गलती हो जाना अलग बात है, लेकिन जानबूझकर गलती करना गंभीर मामला है। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने क्षेत्र के शिक्षकों एवं कर्मियों को अधिक वेतन उठाव की राशि वापस करने संबंधी निर्देश से अवगत कराएं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के साथ अभिभावक जैसा व्यवहार करें और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने पदाधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करने और उनके साथ बैठकर मध्याह्न भोजन करने का निर्देश दिया। इससे बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित होगा और विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूरे बिहार में एक माह तक सघन नशामुक्त बिहार अभियान चलाया जा रहा है। इसमें शिक्षा विभाग सक्रिय भागीदारी निभाए। विद्यालयों के माध्यम से बच्चों एवं अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और नशामुक्ति के लिए प्रेरित करें। उन्होंने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, रक्तदान शिविर आयोजित करने तथा नियमित रूप से योगाभ्यास एवं व्यायाम कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही, विद्यालयों में सामाजिक कार्यों (सोशल वर्क) को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि बच्चों में सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

बैठक में डीएम ने बताया कि पूर्वी चंपारण में 33 मॉडल विद्यालय स्थापित किए गए हैं। हर विद्यालय की जिम्मेदारी एक वरीय पदाधिकारी को दी गई है। ये पदाधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर रहे हैं और वहां कक्षाएं भी ले रहे हैं। प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत करने और उनके साथ बैठकर मध्याह्न भोजन करने का भी निर्देश है, जिसका अनुपालन किया जा रहा है। इस पहल पर अपर मुख्य सचिव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अच्छी कार्यप्रणालियों को अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाना चाहिए।

समीक्षा के दौरान उन्होंने भवनहीन विद्यालयों के लिए अगले 15 दिनों के अंदर भूमि चिह्नित कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। कायाकल्प अभियान के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को 20 नवंबर तक हर हाल में पूरा करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वेतन या अन्य मदों में राशि की आवश्यकता होने पर संबंधित आवंटन की मांग समय पर की जाए, ताकि कार्यों में बाधा नहीं आए। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी, शिक्षा विभाग के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं विभाग के सभी कार्यालय कर्मी उपस्थित रहे।